भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में महिलाओं की भूमिगत गतिविधियाँ

Authors

  • Amit, Dr. Sanjana Singh

Keywords:

भारत छोड़ो आंदोलन (1942), महिलाएँ, भूमिगत गतिविधियाँ, अरुणा आसफ़ अली, उषा मेहता, कांग्रेस रेडियो, महिला चेतना, स्वतंत्रता संग्राम

Abstract

भारत छोड़ो आंदोलन (1942) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक चरण था, जिसने औपनिवेशिक शासन की नींव को गंभीर रूप से हिला दिया। इस आंदोलन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण, किंतु लंबे समय तक उपेक्षित पक्ष महिलाओं की भूमिगत गतिविधियाँ रही हैं। जब आंदोलन के प्रारंभिक चरण में ही अधिकांश शीर्ष पुरुष नेतृत्व को ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया, तब महिलाओं ने संगठन, संचार, रणनीति तथा जन-उत्साह और जन-प्रचार की जिम्मेदारी संभाली। इस शोध-पत्र का उद्देश्य भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महिलाओं द्वारा संचालित भूमिगत नेटवर्क, गुप्त संचार प्रणालियों, रेडियो प्रसारण, पर्चा वितरण, आश्रय व्यवस्था तथा जोखिमपूर्ण संगठनात्मक गतिविधियों का ऐतिहासिक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन करना है। अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि महिलाओं की भूमिगत भूमिका केवल आंदोलन को जीवित रखने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय समाज में महिला चेतना, आत्मनिर्भरता और राजनीतिक सक्रियता के नए आयाम भी विकसित किए। यह शोध महिलाओं की भूमिका को एक सक्रिय ऐतिहासिक शक्ति के रूप में स्थापित करता है, न कि केवल सहायक या प्रतीकात्मक योगदान के रूप में।

 

References

अग्रवाल, मधु (2015). भारत में महिलाएँ और क्रांति. नई दिल्ली: ओरिएंट ब्लैकस्वान।

बसु, अमृता (1995). भारतीय महिला आंदोलनों के आयाम. नई दिल्ली: सेज प्रकाशन।

चट्टोपाध्याय, पार्थ (1993). राष्ट्र और उसके खंड. नई दिल्ली: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस।

फोर्ब्स, जेराल्डीन (1996). आधुनिक भारत में महिलाएँ. नई दिल्ली: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस।

गांधी, मोहनदास करमचंद (1948). सत्य के प्रयोग. अहमदाबाद: नवजीवन प्रकाशन।

मेहता, उषा (2002). भारत छोड़ो आंदोलन और भूमिगत रेडियो. मुंबई: पॉपुलर प्रकाशन।

थापर, रोमिला (2002). भारतीय इतिहास की व्याख्याएँ. नई दिल्ली: पेंगुइन।

कुमार, राधा (1993). स्त्री अधिकार आंदोलनों का इतिहास. नई दिल्ली: काली फ़ॉर वीमेन।

सेन, सुमिता (2000). औपनिवेशिक भारत में महिला श्रम. दिल्ली: स्थायी प्रकाशन।

गुहा, रामचंद्र (2007). गांधी के बाद भारत. नई दिल्ली: पिकाडोर इंडिया।

देसी, एन. (2005). भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिला शक्ति (हिंदी अनुवाद). नई दिल्ली: प्रकाशन विभाग, भारत सरकार।

फोर्ब्स, जी. (2000). आधुनिक भारत में महिलाएँ (हिंदी अनुवाद). नई दिल्ली: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस।

गुप्ता, आर. (2016). 1857 में महिलाओं की भूमिका. नई दिल्ली: वाणी प्रकाशन।

मजुमदार, आर. सी. (2010). स्वाधीनता आंदोलन का इतिहास (हिंदी अनुवाद). कोलकाता: मुखोपाध्याय एंड कंपनी।

नेयर, जे. (2001). औपनिवेशिक भारत में महिलाएँ और कानून (हिंदी अनुवाद). नई दिल्ली: काली फ़ॉर वीमेन।

पाटी, बी. (2014). आधुनिक भारत का इतिहास (हिंदी अनुवाद). नई दिल्ली: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस।

पवार, यू. (2017). स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय महिलाओं का योगदान. मुंबई: हिमालय पब्लिशिंग हाउस।

शर्मा, के. (2011). भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और महिला शक्ति. जयपुर: रावत पब्लिकेशन।

शुक्ला, ए. (2020). भारत छोड़ो आंदोलन और महिलाएँ. पटना: ग्रंथनिकेतन।

यादव, एम. (2019). आज़ाद हिंद फ़ौज और रानी लक्ष्मीबाई रेजिमेंट. नई दिल्ली: नेशनल पब्लिशिंग हाउस।

बोड़, एस. (2010). कस्तूरबा गांधी: एक जीवनी. अहमदाबाद: नवलकिशोर प्रकाशन।

कौर, एम. (2017). कैप्टन लक्ष्मी सहगल: जीवन और संघर्ष. नई दिल्ली: राजकमल प्रकाशन समूह।

नायडू, एस. (2001). सरोजिनी नायडू: जीवन, कृतित्व और राष्ट्रसेवा. दिल्ली: साहित्य सदन।

राय, पी. (2015). बेगम हजरत महल: स्वतंत्रता संग्राम की अनसुनी वीरांगना. लखनऊ: उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान।

चंद्रा, एस. (2018). ‘स्वतंत्रता संग्राम में ग्रामीण महिलाओं की भूमिका’, आधुनिक भारत अध्ययन पत्रिका, 14(2), पृ. 55–70।

कुमारी, आर. (2020). ‘भारत छोड़ो आंदोलन में महिलाओं की सक्रियता’, इतिहास दर्पण, 22(1), पृ. 101–118।

सिंह, टी. (2016). ‘1857 के विद्रोह में महिलाओं का सैन्य योगदान’, भारतीय इतिहास समीक्षा, 45(3), पृ. 87–103।

Downloads

How to Cite

Amit, Dr. Sanjana Singh. (2023). भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में महिलाओं की भूमिगत गतिविधियाँ. International Journal of Engineering Science & Humanities, 13(3), 39–48. Retrieved from https://ijesh.com/j/article/view/552