आधुनिक युग में लोकतंत्र की प्रासंगिकता और संकट

Authors

  • डॉ. दीपक सिंह

Keywords:

लोकतंत्र, प्रासंगिकता, राजनीतिक संकट, नागरिक सहभागिता, डिजिटल युग

Abstract

आधुनिक युग में लोकतंत्र वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक स्वीकृत शासन प्रणाली के रूप में स्थापित है, जो स्वतंत्रता, समानता और न्याय के मूल्यों पर आधारित है। यह अध्ययन लोकतंत्र की वर्तमान प्रासंगिकता और उसके समक्ष उत्पन्न हो रहे संकटों का विश्लेषण करता है। तकनीकी विकास, वैश्वीकरण और डिजिटल माध्यमों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ और सहभागी बनाया है, वहीं दूसरी ओर फेक न्यूज़, राजनीतिक ध्रुवीकरण, लोकलुभावनवाद और आर्थिक असमानता जैसी चुनौतियाँ इसकी प्रभावशीलता को प्रभावित कर रही हैं। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि लोकतंत्र की स्थिरता के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता को सुदृढ़ करना आवश्यक है। साथ ही, संस्थागत सुधार और डिजिटल साक्षरता के माध्यम से इन संकटों का समाधान संभव है। यह शोध लोकतंत्र को अधिक सशक्त और उत्तरदायी बनाने की दिशा में उपयोगी सुझाव प्रदान करता है।

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How to Cite

डॉ. दीपक सिंह. (2019). आधुनिक युग में लोकतंत्र की प्रासंगिकता और संकट. International Journal of Engineering Science & Humanities, 9(1), 62–69. Retrieved from https://ijesh.com/j/article/view/770